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केदारनाथ मंदिर में पूजा अर्चना नहीं होने को लेकर संत समाज द्वारा अब कड़ा रुख अपनाया जा रहा है ।
By admin On 26 Jun, 2013 At 01:15 AM | Categorized As India | With 0 Comments

केदारनाथ मंदिर में पूजा अर्चना नहीं होने को लेकर संत समाज द्वारा अब
कड़ा रुख अपनाया जा रहा है । हरिद्वार मे कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में
शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती  की अध्यक्षता में आज विभिन्न अखाड़ों में
निर्णय लिया है की संतों का एक दल केदारनाथ जायेगा और वह केदारनाथ मंदिर का
परिष्कार कर वहा पर पूजा अर्चना शुरू करवाएगा । यह दल ग्यारह सदसयिय होगा और
इसमे  सभी अखाड़ों का प्रतिनिधित्तव होगा । हलाकि संतों के दल के केदारनाथ
रवाना का अभी कोई समय तय नहीं हुआ है मगर संत समाज शासन से अनुमति मिलने की
प्रतीक्षा कर रहे  है और जैसे ही शासन से अनुमंती मिल जाती है संतों का यह
दल केदारनाथ के लिए रवाना हो जायेगा । संतों का मनन है की उत्तराखंड में आपदा
आये हुए लम्भा समय हो गया हो गया है और आपदा के बाद से ही केदारनाथ मंदिर में
पूजा अर्चना का कार्य नहीं हो रहा है और केदारनाथ का मंदिर एतिहासिक है और वहा
पर लम्बे समय तक पूजा रोकी नहीं जा  सकती है । संतों का मानना है की संतों का
यह दल वहा जाकर मंदिर में पड़े मलवे को साफ़ करके वहा पर पूजा शुरू करवाएगा
।संतों का मानना है की बद्रीनाथ में लम्बे समय तक पूजा नहीं किया जाना देश के
कल्याण और सुरक्षा की दृष्टि से भी सही नहीं है । शंकराचार्य मानते है की यदि
बद्रीनाथ भगवन में पूजा नहीं होगी और जनता का आवागमन नहीं होगा तो वहा पर
विदेशी शक्ति कब्ज़ा कर सकती है जिसे हटाने में हमें मुशिकल भी होगी और जन
हानि भी हो सकती है । केदारनाथ मंदिर के पुजारी द्वारा शंकराचार्य पर वैदिक
ज्ञान नहीं का आरोप लगाये जाने पर शंकराचार्य का कहना है की भगवान शंकर की
पूजा कैसे की जाती है यह कोई भी पंडित जानता है क्या शंकराचार्य नहीं जानेगे
। वे कहते है की उनके जीवन में ऐसा कोई मौका नहीं आया है जब पट खुलने के बाद
पूजा नहीं की हो ।वे कहते है की रावल परंपरा के विपरीत कार्य कर रहे है ।
संतों का कहना है की केदारनाथ में ज्योतिर्लिंग है और वहा पर पूजा का कार्य
नहीं हो रहा है और जब तक वहा पर पूजा शुरू नहीं होगी तब तक उत्तराखंड में
अनिष्ट होना बंद नहीं होगा । संतों का मानना है की वहा पर शंकराचार्य समाधी जो
क्षतिग्रस्त हो गयी है उसको भी दुरुस्त किया जाये ।

बाइट :=स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ,शंकराचार्य ,ज्योतिर्ष पीठ ,हरिद्वार

बाइट :=स्वामी रविंदर पूरी ,श्रीमहंत ,महानिर्वानी अखाडा ,हरिद्वार

बाइट:=स्वामी रामानंद पूरी ,महंत ,निरंजनी अखाडा ,हरिद्वार

बाइट:=स्वामी हरिचेतानंद गिरी महाराज ,महामंडलेश्वर ,हरिद्वार

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